मेहनत और संघर्ष

संघर्ष का विचार क्षीण होता जाता है - जब आप यह देखते हैं कि आप कल के भविष्य के, परिणाम के बारे में आज संतुष्ट या निश्चिंत नहीं हो सकते। जब आप यह देखते हैं के आप गलती करने के भय को हटा नहीं सकते। जब आप हानि, बेइज्जती, असफ़लता से होने वाली बेआरामी से … पढ़ना जारी रखें मेहनत और संघर्ष

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असफलता का डर

किसी भी कार्य को करने में-असफलता का डर उठता है, गलती होने का डर उठता है| क्या आप इस डर को अनुभव कर सकते हैं? इस डर पर कुछ क्रिया नहीं की जा सकती, ना ही इस डर को टाला जा सकता है| जब आप यह देख लेते हैं, पूर्ण ऊर्जा एकत्रित हो जाती है, कार्य … पढ़ना जारी रखें असफलता का डर

पूर्ण क्षेत्र

जब आप जो भी कर रहे हैं, उसको आरामदायक व्याख्यायों या विचारों में नहीं बांधते – आप पूर्ण क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं. जब आप अपने किसी कार्य के परिणाम की ज़िम्मेदारी (बिना किसी आरामदायक विचार या व्याख्या के) लेने के लिए तैयार हैं, मूल ने आपको छू लिया है. https://www.fundamentalexpressions.com/excerpts.htm

विवशता, आराम और साम्यावस्था

हमने अपनी दिनचर्या को विवशता (काम, नौकरी इत्यादि) और आराम देने वाली क्रियायों (मनोरंजन, नशे, छुट्टियों, धार्मिक – आध्यात्मिक क्रियायों इत्यादि) में बांटा हुआ है. जब तक आप इस अंतर को नहीं देखते, समाप्त करते – आप साम्यावस्था में नहीं आ सकते. आप अपने काम से बंधे हुए हैं, अपने काम से विवशता पूर्वक बंधे … पढ़ना जारी रखें विवशता, आराम और साम्यावस्था

क्या परमात्माको देखा जा सकता है

क्या आप देख सकते हैं कि इन्द्रियों का क्षेत्र और विचार, अतीत, कल्पना का क्षेत्र पूर्ण क्षेत्र है? आप जहां भी जाएं, यह क्षेत्र ही रहता है। --आप पूर्ण क्षेत्र को परमात्मा का नाम दे सकते हैं. लेकिन इसको आप अपने से अलग करके नहीं देख सकते. https://youtu.be/SJN4Za_Hpdw

अनिश्चितता और भय

हम भय को मन से बाहर फैंकना चाहते हैं. डर को मन से बाहर नहीं फैंका जा सकता. कुछ भी मन से बाहर फैंका नहीं जा सकता. जब आप यह देख लेते हैं, भय, दुविधा, अनिश्चित्तता मन को चलाने, जीवित रखने के लिए ऊर्जा की तरह काम करते हैं. अगर आप इस पल शारीरिक तौर … पढ़ना जारी रखें अनिश्चितता और भय

काम और मनोरंजन

आप अपने काम से बंधे हुए हैं, अपने काम से विवशता पूर्वक बंधे हुए हैं क्योंकि आपने काम की विवशता को ढ़कने के लिये अपने आपको मनोरंजन, नशे, धार्मिक-आध्यात्मिक क्रियाओं के आराम से बांधा हुआ है| जब आप इस संबंध को देखते हैं, ऊर्जा एकत्रित होने लगती है| काम एक विवशता के रूप में समाप्त … पढ़ना जारी रखें काम और मनोरंजन

महान कार्य

दो तरह के लोग हैं: जो धार्मिक-आध्यात्मिक ‌‍सिद्धांतों या विचारों से जुडे हुए हैं, उन्होंने अपने जीवन को उन धार्मिक-आध्यात्मिक ‌‍सिद्धांतों, विचारों, क्रियाओं, व्यवहार संबंधी विधियों के दायरे में बंधा हुआ है. उनकी तलाश उन दर्शनों, जीवन के बाद के सिद्धांतों इत्यादि तक ही सीमित रहती है. वो इन सिद्धांतों द्वारा अपने आपको नुकसान, अपमान, … पढ़ना जारी रखें महान कार्य

क्या परमात्मा केवल अनुभव की चीज है या उसे देखा भी जा सकता है?

क्या आप देख सकते हैं की परमात्मा या ब्रह्माण्ड या अस्तित्व को किसने बनाया एक विचार की तरह ही उठता है? आपको मूल को देखने के लिए विचार की सीमा को देखना होगा. क्या आप देख सकते हैं कि आप और संसार , ब्रह्माण्ड एक प्रक्रिया है? आपके होने से ही संसार, ब्रह्माण्ड का अस्तित्व … पढ़ना जारी रखें क्या परमात्मा केवल अनुभव की चीज है या उसे देखा भी जा सकता है?

मूल का रहस्य

जब आप ‘जो भी आपको नापसंद हैं या आपको मानसिक बेआरामी देने वाला है या ऊट-पटांग है’ को बिना किसी विचार या व्याख्या के समाहित कर लेते हैं- आपने मूल के रहस्य को छू लिया है| Y V Chawla