Monthly Archives: मई 2011

मेडीटेशन

‘जो है’ और ‘जो आप सोचते हैं होना चाहिये’ के बीच के प्रतिरोध को बिना किसी आरामदायक विचार के सहन करना ही मूल बिंदु है। यह किसी भी तथ्य या चुनौती का शब्दों के पीछे का (non-verbal) ज्ञान है। इस … पढना जारी रखे

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फंडामेंटल एक्सप्रैशंस

देखें फंडामेंटल एक्सप्रैशंस क्या है

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सत्य मानसिक दिलासा नहीं है

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बाहर का शोर और शांति

आपको लगता है कि जब बाहर सब ठीक या आपके मुताबिक होगा तो आप शांत होंगे और कुछ रचनात्मक कर सकेंगे। यह प्रतीक्षा कभी समाप्त नहीं हो सकती। जब आप बाहर के शोर से कोई प्रतिक्रिया नहीं करते, आप एकदम … पढना जारी रखे

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नई पुस्तक

वाई. वी. चावला

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वर्तमान का भूतकाल और भविष्य से संबध

वर्तमान का भूतकाल और भविष्य से संबध एक तनाव पूर्ण अवस्था में ही रहता है। मन इस प्रतिरोध को शब्दों द्वारा, व्याख्याओं द्वारा दूर हटाने में लगा रहता है। जीवन इसी प्रतिरोध से ही चलायमान रहता है। इसको हटाया नहीं … पढना जारी रखे

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सत्य को जानना मस्तिष्क का आमूल परिवर्तन है

सत्य को जानना मस्तिष्क का आमूल परिवर्तन है न कि कुछ मिलना या कि किसी इच्छा का पूरा होना।

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