विचारों की खींचातानी

आपका सामर्थ्य विचारों की खींचातानी से सीमित हो जाता है ।

मुझे यह अवश्य चाहिए, मुझे अवश्य वहाँ तक पहुँचना है ।

अगर मिल जाता है तो भी ठीक है, नहीं मिलता तो भी ठीक है ।

विचार के दोनों ध्रुव कमी के अहसास और कमी से समझौता करने से उत्पन्न होते हैं ।

मन के द्वारा उछाले गये पहलुओं को नकारना ऊर्जा का केंद्रित हो जाना है।

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पिंजरा


हम अपनी समस्याओं के समाधान खोजने में प्रसन्न हैं। इसका कोई अंत नज़र नहीं आता। यह एक माया जाल है जिसमें मानव मन जकड़ा है। जब आप समझ जाओगे कि आप कैद में हो; पिंजरा खुल जाएगा। बाध्यता समाप्त हो जाएगी, स्वछंदता का उदय होगा।

बाहर का शोर और शांति

आपको लगता है कि जब बाहर सब ठीक या आपके मुताबिक होगा तो आप शांत होंगे और कुछ रचनात्मक कर सकेंगे।

यह प्रतीक्षा कभी समाप्त नहीं हो सकती।

जब आप बाहर के शोर (कोई भी नापसंदगी) से कोई प्रतिक्रिया नहीं करते, आप एकदम रुक जाते हो, शांत हो जाते हो। सारा शोर एक लय में बदल जाता है।

हर पल सजग कर्म बन जाता है।

अस्तित्व का रहस्य उजागर होने लगता है।

 

गलती करने का भय

मन इस भ्रम में रहता है कि वह कोई गलत फैसला ना कर ले।

हम डरते हैं कि कुछ गलत ना हो जाए।

हम (टैक्नीकल सहायता के अतिरिक्त) दूसरों के शब्दों से या दूसरों की सहायता से या अपने पिछले अनुभव के द्वारा पुष्टि करना चाहते हैं।

इस (गलती न करने के) भय को मिटाया नहीं जा सकता। इसको आत्मसात करने में ही सारा रहस्य है।

अब आप मूल ऊर्जा से जुड़  जाते हैं।

अज्ञात का भय

इस पल को भूतकाल के बोझ या अनुभव या इतिहास से मुक्त करके देखना ही रचना(creation) है।

मन वस्तुओं, संबधों, घटनाओं, विचारों के द्वारा एक तयशुदा (defined) आराम चाहता है। यह अज्ञात को देखने से घबराता है। इस आराम को छोड़ना आपको अज्ञात (unknown) से मिला देता है।

आप अपने को एक स्वचालित, स्वयं चालित इकाई की तरह अनुभव कर लेते हैं।

मन का भ्रम

मन इस भ्रम में रहता है कि:

वो मानसिक संतुष्टि या आराम की अवस्था को जैसी वो चाहता है, पा सकता है या बनाये रख सकता है।

वो सुख, प्रसन्नता या आनंद की अवस्थाओं को स्थायी कर सकता है और चिंता, तनाव, दुविधा को मिटा सकता है।

वो पैसे पर, दूसरों पर या भगवान पर पूर्ण सुरक्षाके लिये भरोसा कर सकता है।

सुरक्षा के रूप में धन और सम्बंधों में बढ़ोतरी अनिश्चितता को मिटा देगी।

इस भ्रम का टूटना अस्तित्व के रहस्य की कुंजी है।

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