सत्य के साथ मुलाकात

किसी भी तथ्य या चुनौती को ‘कैसे और क्यों’ या ‘क्या होना चाहिये’ के सहारे के बिना देख्नना सत्य के साथ चौंका देने वाली मुलाकात है।

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अच्छे की आशा

आइये कार्य करें और अच्छे की आशा करें।

अच्छे की आशा एक अतिरिक्त विचार है जिसमें मन लिप्त होना चाहता है।

आइये कार्य करें, कार्य पर पूर्ण ध्यान है।

अच्छे की आशा एक भ्रम है, जैसे कि हम अच्छा जानते हैं।

 ब्रह्माण्ड में अच्छा ही हो रहा है, चाहे हम पसंद करें या ना करें।

जब यह समझ हमें पकड़ लेती है, मन अचंभित हो कर मौन हो जाता है।

यह मौन ऊर्जा का पूर्ण केंद्रित हो जाना है।

‘मैं’ कभी भी बंधन(bondage) से बाहर नहीं आ सकता

इस बात को निश्चित तौर पर बिना किसी शंका के जानना, समझना कि ‘मैं’ कभी भी बंधन(bondage) से बाहर नहीं आ सकता, अस्तित्व के रहस्य की कुंजी है।

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भगवान की इच्छा

भगवान की इच्छा का विचार मानव मन द्वारा ही बनाया हुआ है।

जब हम बिना प्रतिक्रिया किए कुछ भी करते हैं तो हम अपने से एक हो जाते हैं।

दो इच्छाओं का विचार गिर जाता है, एक ही इच्छा रह जाती है।

आप उसको अपनी इच्छा कहें या भगवान की।