Monthly Archives: अगस्त 2011

रोशनी

मन आध्यत्मिकता के नाम पर दुख और अनिश्चितता को समझने, समाप्त करने या कोई पक्का हल ढूंढने के लिये प्रयत्न करता है। इसका प्रयत्न, इसकी खोज इस बात पर समाप्त होती है कि यह प्रश्न कहाँ से उठ रहा है, … पढना जारी रखे

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होने का धरातल

आप हमेशा शांत ही होते हैं सिवाय उस वक्त के जब आप किसी शारीरिक खतरे या दर्द में होते हैं। इस शांति को देखो। यह हमेशा आपके साथ ही होती है। यह ‘होने’ का धरातल है। Fusion

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स्थिरता और विवश्ता

आरामदायक विचारों से मन की एक स्थिर अवस्था ढूंढना आपको भ्रम में रखता है, आपसे विवश्ता पूर्वक काम करवाता रहता है।   Fusion

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दुविधा

हम दुविधा में कर्म करते हैं, जैसे कि फल हमें दुविधा से बाहर ले जायेगा। हम दुविधा में इस तरह प्रतिक्रिया करते हैं, जैसे हम समय के द्वारा(भविष्य में) दुविधा से बाहर आ जायेंगे।

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कोई मानसिक दुविधा, समस्या(स्थिर) नहीं है

अध्यात्मिकता का अर्थ है, कि कोई मानसिक दुविधा, समस्या(स्थिर) नहीं है, केवल हर पल भौतिक, शारीरिक और वास्तविक कर्म ही हैं।  http://www.fundamentalexpressions.com

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