Monthly Archives: जनवरी 2012

सत्य का ज्ञान

सत्य का ज्ञान भगवान, आत्मा, मुक्ति, ध्यान इत्यादि शब्दों की व्याख्यायों से नहीं अपितु तब होता है जब आप दुख, अनिश्चितता, विरोधाभास, असमंजस, अस्पष्टता, नकारत्मकता के साथ सहज हैं, अर्थात आप इनको पराया या अपने से अलग नहीं मान रहे … पढना जारी रखे

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ज्ञान और आपकी होशपूर्वक सहमति

ज्ञान का अर्थ है- आपके हर कर्म से आपकी होशपूर्वक सहमति है। आपका हर कर्म (या अकर्म) आपका होशपूर्वक चुनाव है, न कि विवश्ता या ‘करना चाहिये’ के सहारे से चली हुई चाल। Y V Chawla Fusion

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