Monthly Archives: अगस्त 2012

आप और मूल का स्पर्श

किसी कार्य में आपका उत्साह इसलिये नहीं होता है कि यह अच्छा है, बल्कि इसलिये कि आपने इसे करने का चुनाव किया है। किसी शारीरिक खतरे से निपटने के अतिरिक्त, आप हमेशा चुनाव ही कर रहे हैं। आप इसे विचारों, … पढना जारी रखे

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स्वचालित स्कीम

आप वस्तुओं, संबंधों और विचारों में वृद्धि से आनंद में नहीं आ सकते। आप तभी आनंद में आ सकते हो, जब आप यह देख लेते हो कि ब्रह्माण्ड (आप और जो आपके सामने हो रहा है या आप जो अनुभव … पढना जारी रखे

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चिंता और अनिश्चितता को मिटाने का भ्रम

मन पूर्ण संतुष्टि की अवस्था को नहीं जानता। यह केवल ‘चिंता और अनिश्चितता’ से बचने या उसको मिटाने का आराम ढूंढता रहता है। यह इसी आराम को स्थिर करने की आशा में रहता है और इसी भ्रम में उलझा रहता … पढना जारी रखे

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दुख का विचार

दुख का विचार तब उत्पन्न होता है, जब आप जो हो रहा है उसको किसी ‘कारण और परिणाम’ की परिभाषा में बांधना चाहते हैं या आप किसी परिस्थिति का आराम अभी अनुभव करना चाहते हैं जिसे अभी हल नहीं किया … पढना जारी रखे

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