स्वचालित स्कीम

आप वस्तुओं, संबंधों और विचारों में वृद्धि से आनंद में नहीं आ सकते। आप तभी आनंद में आ सकते हो, जब आप यह देख लेते हो कि ब्रह्माण्ड (आप और जो आपके सामने हो रहा है या आप जो अनुभव कर रहें हैं) एक स्वचालित स्कीम है।

Y V Chawla

Fundamental Expressions

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