Monthly Archives: फ़रवरी 2013

अस्तित्व विस्मय की प्रक्रिया से चलता है

जब आपकी बनाई हुई योजनाएं पूरी नहीं होती तो आपका मन व्याकुल हो जाता है। यह पूर्ण विश्रांति को तब पाता है जब यह देख लेता है कि अस्तित्व विस्मय की प्रक्रिया से चलता है न कि केवल गणनाओं और … पढना जारी रखे

psycho spiritual में प्रकाशित किया गया | टिप्पणी करे

पल की आणविक गति

जब आप किसी तथ्य या चुनौती को बिना दोष लगाये, बिना शिकायत किये, बिना आत्मग्लानि के देखते हैं तो उस पल स्वयं ही कर्म उजागर हो जाता है (कुछ करने या न करने के रूप में), यह पल की आणविक … पढना जारी रखे

psycho spiritual में प्रकाशित किया गया | Tagged , , | टिप्पणी करे