Monthly Archives: मई 2013

इस पल और अगले पल में अस्पष्टता

इस पल और अगले पल में अस्पष्टता को स्वीकारते ही मन पूर्ण विश्रांति की अवस्था में आ जाता है। अब आप जो भी कर रहे हैं उस में लगे हैं क्योंकि ऊर्जा अगले पल को पक्का करने, परिभाषित करने के … पढना जारी रखे

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पूर्ण संतुष्टि और इच्छा

किसी भी इच्छा का पूरा होना न इच्छा को समाप्त कर सकता है और न ही पूर्ण संतुष्टि तक ले कर जा सकता है । किसी भी इच्छा का उठना और पूरा होना एक प्रक्रिया है, एक स्वचालित प्रक्रिया। पूर्ण … पढना जारी रखे

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Fundamental Expressions on Facebook क्या आप देख सकते हैं कि मन हमेशा बेआरामी की अवस्था में ही रहता है? मन की इस बेआरामी से एक होना आपको मूल से मेला देता है। अब हर कार्य तनावमुक्त, रचनात्मक, होशपूर्वक होता है। … पढना जारी रखे

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