भगवान का विचार और स्वचालित मूल

भगवान का विचार और स्वचालित मूल

जब भगवान, मुक्ति, निर्वाण और किसी भी नियंत्रण करने वाली अतिरिक्त शक्ति का विचार आपके मन से निकल जाता है-पूर्ण ऊर्जा केंद्रित हो जाती है। आप अपनी बेआरामी और अनिश्चित्ता की अवस्था जिसका आप अनुभव कर रहे हैं, से भागने में अस्मर्थ हो जाते हैं। आप स्वचालित मूल से जुड़ जाते हैं।
Y V Chawla

Advertisements

मूल प्रतिरोध

मानव क्रोध, भय, तनाव, असमंजस, प्रसन्नता के द्वारा प्रतिरोध को अनुभव करता है। साथ ही वह यह देख सकता है कि वह क्रोध, भय इत्यादि को अनुभव कर रहा है। यह देखना आपको मूल प्रतिरोध से मिला देता है जिस के द्वारा जीवन, मन चल रहा है, को दिखा देता है। भ्रम यह हो जाता है, जैसे कि प्रसन्नता इत्यादि स्वीकार्य है और क्रोध, भय इत्यादि अस्वीकार्य है। इस पक्षपाती व्यवहार को रोकना आपको मूल से मिला देता है।

Y V Chawla
Hindi Book तर्क से आगे

Photo1730