निर्वाण, मुक्ति, स्थिर मानसिक आराम की प्रतीक्षा

आप वस्तुओं, संबंधों, विचारों द्वारा निर्वाण, मुक्ति, स्थिर मानसिक आराम की प्रतीक्षा में रहते हो| प्रतीक्षा ऐसे कि जैसे यह पल जब आप सकुशल और सुरक्षित हैं-अपूर्ण, असंतुष्टिपूर्ण है और यह अपूर्णता, असंतुष्टि कल या भविष्य में समाप्त हो जाएगी या यह पल इतना संतुष्टिपूर्ण और आरामदायक लगता है जैसे कि यह यहीं रुक जाएगा| क्या हम इस प्रतीक्षा को इसी क्षण समाप्त कर सकते हैं और देख सकते हैं कि (संतुष्टिपूर्ण- असंतुष्टिपूर्ण) अवस्थाओं को किसी भी बिंदु पर रोका नहीं जा सकता? यह जानना, समझना, देखना ही निर्वाण है, स्वचालित धरातल है|
Y V Chawla
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