निर्वाण, मुक्ति, स्थिर मानसिक आराम की प्रतीक्षा

आप वस्तुओं, संबंधों, विचारों द्वारा निर्वाण, मुक्ति, स्थिर मानसिक आराम की प्रतीक्षा में रहते हो| प्रतीक्षा ऐसे कि जैसे यह पल जब आप सकुशल और सुरक्षित हैं-अपूर्ण, असंतुष्टिपूर्ण है और यह अपूर्णता, असंतुष्टि कल या भविष्य में समाप्त हो जाएगी या यह पल इतना संतुष्टिपूर्ण और आरामदायक लगता है जैसे कि यह यहीं रुक जाएगा| क्या हम इस प्रतीक्षा को इसी क्षण समाप्त कर सकते हैं और देख सकते हैं कि (संतुष्टिपूर्ण- असंतुष्टिपूर्ण) अवस्थाओं को किसी भी बिंदु पर रोका नहीं जा सकता? यह जानना, समझना, देखना ही निर्वाण है, स्वचालित धरातल है|
Y V Chawla
Click to listen Podcast-Audio

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s