निर्वाण, मुक्ति, स्थिर मानसिक आराम की प्रतीक्षा

निर्वाण, मुक्ति, स्थिर मानसिक आराम की प्रतीक्षा

आप अपनी बेआरामी और अनिश्चितता को मनोरंजन, वस्तुओं की अधिकता या भगवान इत्यादि के विचार से नकारने या हटाने की आशा में रहते हो| जब तक यह आशा भंग नहीं हो जाती, आप मूल को नहीं छू सकते|

वाई. वी. चावला

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अस्तित्व विस्मय की प्रक्रिया से चलता है न कि केवल गणनाओं और तर्कों के द्वारा

अस्तित्व विस्मय की प्रक्रिया से चलता है न कि केवल गणनाओं और तर्कों के द्वारा

आपके पास यह जानने, पक्का करने का कोई तरीका नहीं है कि आपके कर्म का परिणाम क्या होगा। मन की इस मूल अस्पष्टता को स्वीकारना कर्म को रचनात्मक, एक प्रयोग बना देता है। आप मूल ऊर्जा से जुड़ जाते हैं।

Y V Chawla

जीवन कभी भी आपको यंत्रवत, त्रुटिरहित परिस्थितियां नहीं देता

जब आप भविष्य के बारे में अभी संतुष्ट होना चाहते हो या गलती ना करने के आराम को पक्का करना चाहते हो, आप अपने को सीमित कर रहे हैं| यह संतुष्टि, यह आराम ही भ्रम है|
असमंजस के द्वारा स्पष्टता देखना मन का कार्य है| यह कार्य बंद नहीं किया जा सकता| जीवन कभी भी आपको यंत्रवत, त्रुटिरहित परिस्थितियां नहीं देता| जीवन आपको प्रयोग करने की असीमित ऊर्जा देता है| प्रयोग करने की ऊर्जा ही आनंद है| यही ऊर्जा, मन का यही कार्य आपको सत्य से, मूल से मिला देता है|
Y V Chawla

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