तीव्र अनुभूति और मूल ऊर्जा

जैसा है वैसा अनुभव करना ही कुंजी है| कोई भी तीव्र अनुभूति चाहे उसको किसी भी नाम से बताया जाये-तनाव, भय, दुविधा, प्रसन्नता-एक अवसर देता है, सजग होने के लिये| जब कोई विचार या व्याख्या इस अनुभूति को हल्का करने के लिये नहीं उठती है या आप देख लेते हैं कि अनुभव को हल्का करने के लिये कोई विचार या व्याख्या उठ रही है-मूल ऊर्जा आपको छू लेती है|

Y V Chawla

fundamentalexpressions

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दुख, अनिश्चितता केवल मानसिक बेआरामी ही है

आप भगवान, मुक्ति, निर्वाण और आरामदायक उक्तियों (comforting quotes) के द्वारा बेआरामी, दुख, अनिश्चितता से बचने का रास्ता ढूंढ़ रहे हो| जब तक आप रोज़मर्रा की बेआरामी, दुख, अनिश्चितता को समाहित नहीं करते, सत्य तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है|

Slide 20Y V Chawla