Monthly Archives: जुलाई 2014

मूल को देखने का दबाव (Pressure to see ‘what is’)

हम समस्या के समाधान और उसके मूल को देखने की बजाय धार्मिक, आध्यात्मिक क्रियाओं का सहारा लेते है- टालने और प्रतीक्षा की प्रक्रिया चलती रहती है| मूल को-जो है, उसको देखने का दबाव ही नहीं बनता| इस दबाव का बनना … पढना जारी रखे

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आप संसार से एक क्रियाशील व्यवस्था से बंधे हैं न कि संतुष्टिपूर्ण या आरामदायक व्यवस्था से

मन इस भ्रम में रहता है कि वो सत्य को किसी नियम या परिभाषा में बांध सकता है। जब ऐसा कुछ सामने आता है जो नियम के परे होता है, जो मन की पसंद के परे होता है, जो मन … पढना जारी रखे

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