नियंत्रण, अनुभव और मूल ऊर्जा

‘जो हो रहा है’ या ‘जो आपके सामने आता है’-वह आपके नियंत्रण में नहीं है, यह समझना आसान है| जो आपको अनुभव हो रहा है, जो आप महसूस कर रहे हैं-वह भी आपके नियंत्रण में नहीं है|

Slide 26Y V Chawla

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कल या परिणाम के द्वारा स्थिर आराम की प्रतीक्षा

‘क्या करना चाहिये’ या ‘क्या नहीं करना चाहिये’ विचार की दुविधा है।

मन ‘क्या करना चाहिये’ या ‘क्या नहीं करना चाहिये’ के द्वारा आराम, संतुष्टि की तलाश में रहता है।

यह आराम ही भ्रम है।

’करना’ या ‘ना करना’ पूर्णता की अभिव्यक्ति है।

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