असफलता का डर और पूर्ण उत्साह

Slide 11

किसी भी कार्य को करने में-असफलता का डर उठता है, गलती होने का डर उठता है| क्या आप इस डर को अनुभव कर सकते हैं? इस डर पर कुछ क्रिया नहीं की जा सकती, ना ही इस डर को टाला जा सकता है| जब आप यह देख लेते हैं, पूर्ण ऊर्जा एकत्रित हो जाती है, कार्य में पूर्ण उत्साह अपने आप जागृत हो जाता है| या यह डर ढ़का हुआ ही रहता है, या आप इसको आरामदायक व्याख्याओं, विचारों से ढ़क देते हैं| ऊर्जा बिखर जाती है|
Y V CHAWLA

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