Monthly Archives: दिसम्बर 2014

अस्पष्टता और अनिश्चिtतता में रुकने का रहस्य

मन अस्पष्टता और अनिश्चिtतता में रुकना नहीं चाहता| यह ‘जानने’ की संतुष्टि पाने में भागता रहता है| यह अस्पष्टता और अनिश्चिtतता के साथ रुकने के सामर्थ्य को, के रहस्य को नहीं जानता| इस सामर्थ्य को देखना आपको मूल से मिला … पढना जारी रखे

psycho spiritual में प्रकाशित किया गया | Tagged , , , | टिप्पणी करे