प्रतिरोध और पूर्ण धरातल

क्या आप देख सकते हैं कि अगर आपकी सभी इच्छायें पूरी होती जायें और कोई भी समस्या आपके मन को परेशान ना करे तो आपको जीवन के बारे किसी दर्शन ( चाहे वो भगवान के रूप में हो या भविष्य सुरक्षित करने के रूप में) की आवश्यकता नहीं रहेगी|
लेकिन जीवन इतना सीधा या सपाट नहीं है| आपको बार-बार प्रतिरोध (बेआरामी और अनिश्चितता के रूप में) का अनुभव होता है|
क्या आप इस प्रतिरोध को बिना किसी व्याख्या के समाहित कर सकते हैं?
आप पूर्ण धरातल पर हैं| आप जादुई धरातल पर हैं|

DAKOTA
DAKOTA

Y V Chawla

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आराम, प्रसन्नता और स्थिरता

इन्द्रियां किसी संतोषजनक परिस्थिति या अच्छे दृश्य का सामना होने पर आराम, प्रसन्नता महसूस करती हैं, जो कि प्राकृतिक है| मन इस आराम, इस प्रसन्नता को इस तरह अंकित कर लेता है जैसे कि कुछ स्थिर घट गया हो| अगर आप मन पर हुए इस अंकण को देख लेते हैं, मूल ऊर्जा से आपका स्पर्श हो जाता है|
Y V Chawla