मूल ऊर्जा, भय और अनिश्चितता

जब आप जीवन को किन्हीं आराम विचारों या सिद्धांतों में बांधने का प्रयत्न नहीं करते-आप आने वाले पल को आश्चर्य से देखते हैं| आप सभी संभावनाओं से जुड़ जाते हैं|
मूल ऊर्जा से आपका संपर्क तब होता है जब आपके ऊंचे विचार, आराम देने वाले विचार (चाहे वो धार्मिक-आध्यात्मिक ही हों) किसी वास्तविक, तकलीफ़देह, अडिग स्थिति के आमने-सामने खडे हो जाते हैं|
आप मन से किसी भय या अनिश्चितता को मिटा नहीं सकते| किसी तुरंत शारीरिक खतरे कि अतिरिक्त सभी भय या खतरे मानसिक बेआरामी ही है| क्या आप इस बेआरामी का सामना कर सकते हैं, इसको समाहित कर सकते हैं? आप एक नये आयाम में आ गये हैं| अचानक आप पूर्ण क्षेत्र, पूर्ण प्रक्रिया, स्वचालित प्रक्रिया को देख लेते हैं|

Slide 35

Y V Chawla

Advertisements

About yvchawla

http://www.fundamentalexpressions.com
यह प्रविष्टि psycho spiritual में पोस्ट और , , टैग की गई थी। बुकमार्क करें पर्मालिंक

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s